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mahabharat 7.120.17-18h: सारथि! इस महायुद्ध में तुम्हें मेरा पराक्रम देखना होगा, जो देवराज इन्द्र के समान है। मैं अपने तीखे बाणों से शत्रु सेना का संहार करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 7.120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 120: सात्यकिद्वारा दुर्योधनकी सेनाका संहार तथा भाइयोंसहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.120.17-18h 
पश्य मे सूत विक्रान्तमिन्द्रस्येव महामृधे॥ १७॥
एष सैन्यानि शत्रूणां विधमामि शितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
सारथि! इस महायुद्ध में तुम्हें मेरा पराक्रम देखना होगा, जो देवराज इन्द्र के समान है। मैं अपने तीखे बाणों से शत्रु सेना का संहार करूँगा।
 
‘Charioteer! In this great war, you must see my prowess, like that of Devraja Indra. I will destroy the enemy forces with my sharp arrows. 17 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)