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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.12.6 
ददासि चेद् वरं मह्यं जीवग्राहं युधिष्ठिरम्।
गृहीत्वा रथिनां श्रेष्ठं मत्समीपमिहानय॥ ६॥
 
 
अनुवाद
आचार्य! यदि आप मुझे वर दे ही रहे हैं, तो महारथियों में श्रेष्ठ युधिष्ठिर को जीवित ही पकड़कर मेरे पास ले आइए।'
 
Acharya! If you are granting me a boon, then capture the best of charioteers, Yudhishthira, alive and bring him here to me.'
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)