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mahabharat 7.12.29: संजय ने कहा - हे राजन! जब द्रोणाचार्य ने कुछ दूरी रखकर राजा युधिष्ठिर को बंदी बनाने की प्रतिज्ञा की, तब आपके मूर्ख पुत्र उन्हें बंदी समझने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.12.29 
संजय उवाच
सान्तरं तु प्रतिज्ञाते राज्ञो द्रोणेन निग्रहे।
गृहीतं तममन्यन्त तव पुत्रा: सुबालिशा:॥ २९॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा - हे राजन! जब द्रोणाचार्य ने कुछ दूरी रखकर राजा युधिष्ठिर को बंदी बनाने की प्रतिज्ञा की, तब आपके मूर्ख पुत्र उन्हें बंदी समझने लगे।
 
Sanjaya said - O King! When Dronacharya made a vow to capture King Yudhishthira after keeping some distance, then your foolish sons started considering him as imprisoned.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)