Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.12.21: पिताश्री! इन्द्र सहित समस्त देवता और दानव भी युद्धस्थल में अर्जुन का सामना नहीं कर सकते। अतः मुझमें भी उसे परास्त करने का उत्साह नहीं है॥ 21॥ | mahabharat अध्याय 7.12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न हि शक्यो रणे पार्थ: सेन्द्रैर्देवासुरैरपि।
प्रत्युद्यातुमतस्तात नैतदामर्षयाम्यहम्॥ २१॥
अनुवाद
पिताश्री! इन्द्र सहित समस्त देवता और दानव भी युद्धस्थल में अर्जुन का सामना नहीं कर सकते। अतः मुझमें भी उसे परास्त करने का उत्साह नहीं है॥ 21॥
Father! Even all the gods and demons including Indra cannot face Arjun in the battlefield. Therefore, I too do not have the enthusiasm to defeat him. ॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥