Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.12.19: राजन! द्रोणाचार्य हर शब्द का वास्तविक अर्थ तुरन्त समझ जाते थे। दुर्योधन के कुत्सित इरादे जानकर बुद्धिमान द्रोण ने विचार किया और उसके मन की बात मानकर उसे वरदान दे दिया। | mahabharat अध्याय 7.12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजन! द्रोणाचार्य हर शब्द का वास्तविक अर्थ तुरन्त समझ जाते थे। दुर्योधन के कुत्सित इरादे जानकर बुद्धिमान द्रोण ने विचार किया और उसके मन की बात मानकर उसे वरदान दे दिया।
King! Dronacharya was quick to understand the real meaning of every word. Knowing Duryodhan's evil intentions, the wise Drona thought over the matter and after keeping his mind in mind, granted him a boon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥