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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 12: दुर्योधनका वर माँगना और द्रोणाचार्यका युधिष्ठिरको अर्जुनकी अनुपस्थितिमें जीवित पकड़ लानेकी प्रतिज्ञा करना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.12.14 
नाकारो गूहितुं शक्यो बृहस्पतिसमैरपि।
तस्मात्तव सुतो राजन् प्रहृष्टो वाक्यमब्रवीत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
बृहस्पति जैसे बुद्धिमान पुरुष भी अपना आकार नहीं छिपा सकते। राजन! इसलिए आपके पुत्र ने बहुत प्रसन्न होकर इस प्रकार कहा -॥14॥
 
Even an intelligent man like Jupiter cannot hide his size. Rajan! That is why your son became very happy and said thus -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)