Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.119.41-42: वे भयंकर योद्धा चारों दिशाओं में गए और स्वर्ण पंख और गिद्ध पंख वाले तीखे बाणों से लाल लोहे और कांसे से बने यवनों के सिर, भुजाएँ और कवच काट डाले। | mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वे भयंकर योद्धा चारों दिशाओं में गए और स्वर्ण पंख और गिद्ध पंख वाले तीखे बाणों से लाल लोहे और कांसे से बने यवनों के सिर, भुजाएँ और कवच काट डाले।
Those fierce warriors went in all directions and cut off the heads, arms and armour of the Yavanas made of red iron and bronze with their sharp arrows having golden plumage and vulture's feathers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥