Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.119.18: सारथि ने कहा- सत्यव्रक्रम वृष्णिनन्दन! यदि जमदग्निनन्दन परशुराम भी क्रोध में भरकर आपके सामने खड़े हो जाएँ, तो भी मैं नहीं डरूँगा॥18॥   |   mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  7.119.18 
सूत उवाच
न सम्भ्रमो मे वार्ष्णेय विद्यते सत्यविक्रम।
यद्यपि स्यात् तव क्रुद्धो जामदग्न्योऽग्रत: स्थित:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
सारथि ने कहा- सत्यव्रक्रम वृष्णिनन्दन! यदि जमदग्निनन्दन परशुराम भी क्रोध में भरकर आपके सामने खड़े हो जाएँ, तो भी मैं नहीं डरूँगा॥18॥
 
The charioteer said – Satyavrakram Vrishninandan! I will not be afraid even if Jamdagninandan Parshuram stands in front of you full of anger. 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)