Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.119.1: संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात वृष्णिवंशवंश के बुद्धिमान महामनस्वी सत्य ने युद्ध में सुदर्शन को मारकर सारथि से पुनः इस प्रकार कहा-॥1॥ | mahabharat अध्याय 7.119: सात्यकि और उनके सारथिका संवाद तथा सात्यकिद्वारा काम्बोजों और यवन आदिकी सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
संजय उवाच
तत: स सात्यकिर्धीमान् महात्मा वृष्णिपुङ्गव:।
सुदर्शनं निहत्याजौ यन्तारं पुनरब्रवीत्॥ १॥
अनुवाद
संजय कहते हैं- राजन! तत्पश्चात वृष्णिवंशवंश के बुद्धिमान महामनस्वी सत्य ने युद्ध में सुदर्शन को मारकर सारथि से पुनः इस प्रकार कहा-॥1॥
Sanjay says- Rajan! Thereafter, Vrishnivanshvatam's intelligent great-minded Satya, after killing Sudarshan in the battle, again said to the charioteer thus -॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥