श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.118.8 
शरै: सुतीक्ष्णै: शतशोऽभ्यविध्यत्
सुदर्शन: सात्वतमुख्यमाजौ।
अनागतानेव तु तान् पृषत्कां-
श्चिच्छेद राजन् शिनिपुङ्गवोऽपि॥ ८॥
 
 
अनुवाद
राजन! सुदर्शन ने समरांगण में सैकड़ों तीखे बाणों द्वारा सत्यवती के सिर वाले सात्यकिपुर पर आक्रमण किया; किन्तु शनिप्रवर सात्यकि ने उन बाणों को अपने पास पहुँचने से पहले ही काट डाला॥8॥
 
Rajan! Sudarshan attacked Satyakipura, the head of Satyavata, with hundreds of well-sharpened arrows in Samarangana; But Shanipravar Satyaki cut those arrows before they could reach him. 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)