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mahabharat 7.118.6: उस समय सुवर्ण कवचधारी श्रेष्ठ धनुर्धर सुदर्शन ने, जो बड़े विचित्र युद्ध करते थे, उनकी ओर आकर सात्यकि को अमरशा से भर दिया और बलपूर्वक रोक लिया॥6॥   |   mahabharat अध्याय 7.118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.118.6 
अमर्षपूर्णस्त्वतिचित्रयोधी
शरासनी काञ्चनवर्मधारी।
सुदर्शन: सात्यकिमापतन्तं
न्यवारयद् राजवर: प्रसह्य॥ ६॥
 
 
अनुवाद
उस समय सुवर्ण कवचधारी श्रेष्ठ धनुर्धर सुदर्शन ने, जो बड़े विचित्र युद्ध करते थे, उनकी ओर आकर सात्यकि को अमरशा से भर दिया और बलपूर्वक रोक लिया॥6॥
 
At that time, Sudarshan, the best archer in golden armour, who fought very strange wars, coming towards him, filled Satyaki with Amarsha and stopped him with force. 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)