श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 118: सात्यकिद्वारा सुदर्शनका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.118.1 
संजय उवाच
द्रोणं स जित्वा पुरुषप्रवीर-
स्तथैव हार्दिक्यमुखांस्त्वदीयान्।
प्रहस्य सूतं वचनं बभाषे
शिनिप्रवीर: कुरुपुङ्गवाग्रॺ॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे कुरुवंश के प्रधान! आपके द्रोणाचार्य और कृतवर्मा आदि प्रमुख योद्धाओं को परास्त करके वीर सात्यकि ने अपने सारथि से हँसकर कहा:॥1॥
 
Sanjaya says: O head of the Kuru dynasty! After defeating your chief warriors like Dronacharya and Kritavarma, the valiant Satyaki smilingly said to his charioteer:॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)