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mahabharat 7.117.8: तत्पश्चात् अपनी चपलता से युयुधान की चपलता को मन्द सिद्ध करके उसने उसे पुनः पचास तीखे बाणों से घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.117: सात्यकि और द्रोणाचार्यका युद्ध, द्रोणकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 117: सात्यकि और द्रोणाचार्यका युद्ध, द्रोणकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.117.8 
पुन: पञ्चाशतेषूणां शितेन च समार्पयत्।
लघुतां युयुधानस्य लाघवेन विशेषयन्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् अपनी चपलता से युयुधान की चपलता को मन्द सिद्ध करके उसने उसे पुनः पचास तीखे बाणों से घायल कर दिया।
 
Thereafter, proving the agility of Yuyudhan to be slow by his own agility, he again wounded him with fifty sharp arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)