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mahabharat 7.117.22: राजन! भरतश्रेष्ठ! तब शिनि के पौत्र ने द्रोणाचार्य की दाहिनी भुजा पर बाँस से प्रहार करके उन्हें पीड़ा पहुँचाई और आचार्य को घायल कर दिया॥22॥   |   mahabharat अध्याय 7.117: सात्यकि और द्रोणाचार्यका युद्ध, द्रोणकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.117.22 
ततो द्रोणं शिने: पौत्रो राजन् विव्याध पत्रिणा।
दक्षिणं भुजमासाद्य पीडयन् भरतर्षभ॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राजन! भरतश्रेष्ठ! तब शिनि के पौत्र ने द्रोणाचार्य की दाहिनी भुजा पर बाँस से प्रहार करके उन्हें पीड़ा पहुँचाई और आचार्य को घायल कर दिया॥22॥
 
Rajan! Bharatshrestha! Then Shini's grandson hit Dronacharya's right arm with a bamboo and gave him pain and injured the Acharya. 22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)