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mahabharat 7.117.21: मृत्यु के समान भयंकर वह शक्ति सत्यकीति के पास पहुँचने से पहले ही उसके रथ को छेदकर भयंकर ध्वनि करती हुई पृथ्वी में समा गई।   |   mahabharat अध्याय 7.117: सात्यकि और द्रोणाचार्यका युद्ध, द्रोणकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.117.21 
अनासाद्य तु शैनेयं सा शक्ति: कालसंनिभा।
भित्त्वा रथं जगामोग्रा धरणीं दारुणस्वना॥ २१॥
 
 
अनुवाद
मृत्यु के समान भयंकर वह शक्ति सत्यकीति के पास पहुँचने से पहले ही उसके रथ को छेदकर भयंकर ध्वनि करती हुई पृथ्वी में समा गई।
 
That power, as dreadful as death, before reaching Satyakiti, pierced his chariot and entered the earth making a horrific noise.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)