Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.117.13-14: तत्पश्चात्, द्रोण के सामने ही सात्यकि ने सौ बाणों से उनके सारथि को घायल कर दिया। युयुधान की फुर्ती देखकर महारथी द्रोण ने सात्यकि के सारथि को सत्तर बाणों से घायल कर दिया और उसके घोड़ों को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया। फिर एक बाण से उन्होंने सात्यकि के रथ पर लहराती हुई ध्वजा को काट डाला। | mahabharat अध्याय 7.117: सात्यकि और द्रोणाचार्यका युद्ध, द्रोणकी पराजय तथा कौरव-सेनाका पलायन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, द्रोण के सामने ही सात्यकि ने सौ बाणों से उनके सारथि को घायल कर दिया। युयुधान की फुर्ती देखकर महारथी द्रोण ने सात्यकि के सारथि को सत्तर बाणों से घायल कर दिया और उसके घोड़ों को तीन-तीन बाणों से घायल कर दिया। फिर एक बाण से उन्होंने सात्यकि के रथ पर लहराती हुई ध्वजा को काट डाला।
Thereafter, in front of Drona, Satyaki injured his charioteer with a hundred arrows. Seeing Yuyudhan's agility, the great warrior Drona pierced Satyaki's charioteer with seventy arrows and injured his horses with three arrows each. Then with one arrow he cut off the flag fluttering on Satyaki's chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥