Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.116.7-8: उसने द्रोणाचार्य को तीन, दुसह को नौ, विकर्ण को पच्चीस, चित्रसेन को सात, दुर्मर्षण को बारह, विविंशति को आठ, सत्यव्रत को नौ और विजय को दस बाणों से घायल कर दिया ॥7-8॥   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 7-8
 
 
श्लोक  7.116.7-8 
भारद्वाजं त्रिभिर्बाणैर्दु:सहं नवभि: शरै:।
विकर्णं पञ्चविंशत्या चित्रसेनं च सप्तभि:॥ ७॥
दुर्मर्षणं द्वादशभिरष्टाभिश्च विविंशतिम्।
सत्यव्रतं च नवभिर्विजयं दशभि: शरै:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
उसने द्रोणाचार्य को तीन, दुसह को नौ, विकर्ण को पच्चीस, चित्रसेन को सात, दुर्मर्षण को बारह, विविंशति को आठ, सत्यव्रत को नौ और विजय को दस बाणों से घायल कर दिया ॥7-8॥
 
He wounded Dronacharya with three arrows, Dusaha with nine, Vikarna with twenty-five, Chitrasena with seven, Durmarshan with twelve, Vivimshati with eight, Satyavrata with nine and Vijay with ten arrows. 7-8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)