Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.116.46: दूसरी ओर, शक्तिशाली कृतवर्मा, आत्मविश्वास से भरे हुए, हाथ में एक और विशाल धनुष लेकर पांडवों का सामना करते हुए युद्धभूमि में खड़े थे। | mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
समाश्वस्य च हार्दिक्यो गृह्य चान्यन्महद् धनु:।
तस्थौ स तत्र बलवान् वारयन् युधि पाण्डवान्॥ ४६॥
अनुवाद
दूसरी ओर, शक्तिशाली कृतवर्मा, आत्मविश्वास से भरे हुए, हाथ में एक और विशाल धनुष लेकर पांडवों का सामना करते हुए युद्धभूमि में खड़े थे।
On the other hand, the powerful Kritavarma, confident, stood there on the battlefield facing the Pandavas with another huge bow in his hand.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि सात्यकिप्रवेशे दुर्योधनकृतवर्मपराजये षोडशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें सात्यकिके कौरव-सेनामें प्रवेशके पश्चात् दुर्योधन और कृतवर्माके पराजयविषयक एक सौ सोलहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥