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mahabharat 7.116.41: युद्धस्थल में सात्यकि के बाणों से पीड़ित होकर कृतवर्मा धनुष और बाण छोड़कर, अत्यन्त रक्त से लथपथ होकर, उस उत्तम रथ के पिछले भाग से नीचे गिर पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  7.116.41 
संजातरुधिरश्चाजौ सात्वतेषुभिरर्दित:।
सशरं धनुरुत्सृज्य न्यपतत् स्यन्दनोत्तमात्॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
युद्धस्थल में सात्यकि के बाणों से पीड़ित होकर कृतवर्मा धनुष और बाण छोड़कर, अत्यन्त रक्त से लथपथ होकर, उस उत्तम रथ के पिछले भाग से नीचे गिर पड़ा।
 
On the battlefield, Kritavarma, afflicted by Satyaki's arrows, dropping his bow and arrows and bleeding profusely, fell from the rear side of that excellent chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)