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mahabharat 7.116.4: आर्य! तत्पश्चात् दुर्मुख ने सात्यकि को दस बाणों से, दुःशासन को आठ बाणों से तथा चित्रसेन को दो बाणों से घायल कर दिया॥4॥   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.116.4 
दुर्मुखो दशभिर्बाणैस्तथा दु:शासनोऽष्टभि:।
चित्रसेनश्च शैनेयं द्वाभ्यां विव्याध मारिष॥ ४॥
 
 
अनुवाद
आर्य! तत्पश्चात् दुर्मुख ने सात्यकि को दस बाणों से, दुःशासन को आठ बाणों से तथा चित्रसेन को दो बाणों से घायल कर दिया॥4॥
 
Arya! Thereafter Durmukh wounded Satyaki with ten arrows, Dushasana with eight and Chitrasena with two arrows. 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)