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mahabharat 7.116.2: द्रोणाचार्य ने सात्यकि को सतहत्तर तीखे बाणों से घायल कर दिया, फिर दुर्मर्षण ने बारह बाणों से और दुःसहने ने दस बाणों से उसे घायल कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  7.116.2 
तं द्रोण: सप्तसप्तत्या जघान निशितै: शरै:।
दुर्मर्षणो द्वादशभिर्दु:सहो दशभि: शरै:॥ २॥
 
 
अनुवाद
द्रोणाचार्य ने सात्यकि को सतहत्तर तीखे बाणों से घायल कर दिया, फिर दुर्मर्षण ने बारह बाणों से और दुःसहने ने दस बाणों से उसे घायल कर दिया।
 
Dronacharya pierced Satyaki with seventy-seven sharp arrows. Then Durmarshan pierced him with twelve arrows and Dusahane pierced him with ten arrows.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)