Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.116.19-20: जब आपके अनेक महारथी पुत्र बाणों की वर्षा कर रहे थे, तब सात्यकि ने पहले तो उनमें से प्रत्येक को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया, फिर सात-सात बाणों से उन्हें घायल कर दिया, तत्पश्चात दुर्योधन को आठ तीव्र बाणों से घायल कर दिया। | mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स च्छाद्यमानो बहुभिस्तव पुत्रैर्महारथै:॥ १९॥
एकैकं पञ्चभिर्विद्ध्वा पुनर्विव्याध सप्तभि:।
दुर्योधनं च त्वरितो विव्याधाष्टभिराशुगै:॥ २०॥
अनुवाद
जब आपके अनेक महारथी पुत्र बाणों की वर्षा कर रहे थे, तब सात्यकि ने पहले तो उनमें से प्रत्येक को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया, फिर सात-सात बाणों से उन्हें घायल कर दिया, तत्पश्चात दुर्योधन को आठ तीव्र बाणों से घायल कर दिया।
When your numerous sons, who were great warriors, were showered with arrows, Satyaki first wounded each of them with five arrows each. Then he pierced them with seven arrows each. After that, he immediately wounded Duryodhan with eight swift arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥