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mahabharat 7.116.17-18h: जब आपके बलवान पुत्र ने, जो धनुर्धर था, उसे अत्यन्त घायल कर दिया, तब सात्यकि ने भी ईर्ष्या से भरकर आपके पुत्र को अत्यन्त कष्ट पहुँचाया।   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.116.17-18h 
सोऽतिविद्धो बलवता तव पुत्रेण धन्विना॥ १७॥
अमर्षवशमापन्नस्तव पुत्रमपीडयत्।
 
 
अनुवाद
जब आपके बलवान पुत्र ने, जो धनुर्धर था, उसे अत्यन्त घायल कर दिया, तब सात्यकि ने भी ईर्ष्या से भरकर आपके पुत्र को अत्यन्त कष्ट पहुँचाया।
 
When your powerful son, who was an expert archer, wounded him severely, Satyaki also, overcome with jealousy, inflicted great pain on your son. 17 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)