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mahabharat 7.116.12: कुरुराज दुर्योधन के बाणों से सात्यकि घायल हो गए और उनके शरीर से रक्त बहने लगा। रक्त बहते समय वे लाल चंदन के वृक्ष के समान दिखाई देने लगे॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 116: सात्यकिका पराक्रम तथा दुर्योधन और कृतवर्माकी पुन: पराजय  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.116.12 
सात्यकि: कुरुराजेन निर्विद्धो बह्वशोभत।
अस्रवद् रुधिरं भूरि स्वरसं चन्दनो यथा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
कुरुराज दुर्योधन के बाणों से सात्यकि घायल हो गए और उनके शरीर से रक्त बहने लगा। रक्त बहते समय वे लाल चंदन के वृक्ष के समान दिखाई देने लगे॥12॥
 
Satyaki was pierced by the arrows of the Kuru King Duryodhana and started bleeding profusely. While bleeding he looked like a red sandalwood tree.॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)