Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.115.9: उन चार बाणों से कृतवर्मा के चारों घोड़े मर गए। सात्यकि ने भाले से उसका धनुष काट डाला। फिर तीखे बाणों से उसके पश्चरक्षक और सारथि भी घायल हो गए। | mahabharat अध्याय 7.115: सात्यकिके द्वारा कृतवर्माकी पराजय, त्रिगर्तोंकी गजसेनाका संहार और जलसंधका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ते तस्य जघ्निरे वाहान् भल्लेनास्याच्छिनद् धनु:।
पृष्ठरक्षं तथा सूतमविध्यन्निशितै: शरै:॥ ९॥
अनुवाद
उन चार बाणों से कृतवर्मा के चारों घोड़े मर गए। सात्यकि ने भाले से उसका धनुष काट डाला। फिर तीखे बाणों से उसके पश्चरक्षक और सारथि भी घायल हो गए।
Those four arrows killed all the four horses of Kritavarma. Satyaki cut off his bow with a spear. Then with sharp arrows his rear guard and charioteer were also injured.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥