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mahabharat 7.115.17: त्रिगर्त देश के ये दानशील योद्धा राजकुमार महान धनुर्धर हैं और सभी वीरतापूर्वक युद्ध करते हैं। सभी के हाथ में स्वर्ण ध्वज हैं॥17॥   |   mahabharat अध्याय 7.115: सात्यकिके द्वारा कृतवर्माकी पराजय, त्रिगर्तोंकी गजसेनाका संहार और जलसंधका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 115: सात्यकिके द्वारा कृतवर्माकी पराजय, त्रिगर्तोंकी गजसेनाका संहार और जलसंधका वध  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.115.17 
राजपुत्रा महेष्वासा: सर्वे विक्रान्तयोधिन:।
त्रिगर्तानां रथोदारा: सुवर्णविकृतध्वजा:॥ १७॥
 
 
अनुवाद
त्रिगर्त देश के ये दानशील योद्धा राजकुमार महान धनुर्धर हैं और सभी वीरतापूर्वक युद्ध करते हैं। सभी के हाथ में स्वर्ण ध्वज हैं॥17॥
 
‘These generous warrior princes of the Trigarta country are all great archers and all of them fight valiantly. All of them have golden flags.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)