श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 115: सात्यकिके द्वारा कृतवर्माकी पराजय, त्रिगर्तोंकी गजसेनाका संहार और जलसंधका वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.115.14 
दृष्ट्वा तु तव तत् सैन्यं रथाश्वद्विपसंकुलम्।
पदातिजनसम्पूर्णमब्रवीत् सारथिं पुन:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
रथ, घोड़े, हाथी और पैदलों से भरी हुई आपकी सेना को देखकर सात्यकि ने सारथि से पुनः कहा-॥14॥
 
Seeing your army filled with chariots, horses, elephants and infantry, Satyaki again said to the charioteer -॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)