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mahabharat 7.114.99: वहाँ महायोद्धा कृतवर्मा ने अपना अद्भुत पराक्रम दिखाया। अकेले होने पर भी उन्होंने युद्धभूमि में समस्त पाण्डवों और उनके सेवकों का सामना किया।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 99
 
 
श्लोक  7.114.99 
तत्राद्भुतं परं चक्रे कृतवर्मा महारथ:।
यदेक: समरे पार्थान् वारयामास सानुगान्॥ ९९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ महायोद्धा कृतवर्मा ने अपना अद्भुत पराक्रम दिखाया। अकेले होने पर भी उन्होंने युद्धभूमि में समस्त पाण्डवों और उनके सेवकों का सामना किया।
 
There the great warrior Kritavarman displayed his amazing valour. Even though he was alone, he faced all the Pandavas along with their servants in the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)