श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  7.114.98 
सादितं तु रथोपस्थे दृष्ट्वा पार्था: शिखण्डिनम्।
परिवव्रू रथैस्तूर्णं कृतवर्माणमाहवे॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
शिखण्डी को रथ के पिछले भाग में अचेत अवस्था में बैठा देखकर कुन्तीपुत्रों ने तुरन्त ही अपने रथों से कृतवर्मा को युद्धभूमि में चारों ओर से घेर लिया।
 
The sons of Kunti, seeing Shikhandi sitting unconscious at the rear of the chariot, immediately surrounded Kritavarma with their chariots on all sides on the battlefield.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)