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mahabharat 7.114.97: यह जानकर कि महारथी शिखण्डी कृतवर्मा के बाणों से घायल हो गया है, सारथि शीघ्रतापूर्वक उसे युद्धभूमि से बाहर ले गया।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  7.114.97 
शिखण्डिनं तथा ज्ञात्वा हार्दिक्यशरपीडितम्।
अपोवाह रणाद् यन्ता त्वरमाणो महारथम्॥ ९७॥
 
 
अनुवाद
यह जानकर कि महारथी शिखण्डी कृतवर्मा के बाणों से घायल हो गया है, सारथि शीघ्रतापूर्वक उसे युद्धभूमि से बाहर ले गया।
 
Knowing that the mighty warrior Shikhandi was wounded by Kritavarma's arrows, the charioteer hurriedly took him out of the battle-field.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)