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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.114.9 
सचिवैश्चापरैर्मुख्यैर्बहुभि: पुण्यकर्मभि:।
लोकपालोपमैस्तात पालितं नरसत्तमै:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तात! हमारे मन्त्रीगण तथा अन्य अनेक श्रेष्ठ कार्यकर्ता, जो पुण्यात्मा हैं, लोकपालों के समान पराक्रमी तथा मनुष्यों में श्रेष्ठ हैं, इस सेना के साथ सदैव चलते रहे हैं।
 
Tat! Our ministers and many other prominent workers, who are virtuous souls, as valiant as Lokpalas and the best among humans, have always followed this army. 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)