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mahabharat 7.114.89-90: राजन! जैसे सिंह हाथी पर आक्रमण करता है, उसी प्रकार कुपित वीर योद्धा कृतवर्मा ने अपना बल दिखाते हुए युद्धस्थल में महात्मा भीष्म की मृत्यु का कारण बने हुए महारथी शिखण्डी पर आक्रमण किया।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 89-90
 
 
श्लोक  7.114.89-90 
तत: क्रुद्धो रणे राजन् हृदिकस्यात्मसम्भव:।
अभिदुद्राव वेगेन याज्ञसेनिं महारथम्॥ ८९॥
भीष्मस्य समरे राजन् मृत्योर्हेतुं महात्मन:।
विदर्शयन् बलं शूर: शार्दूल इव कुञ्जरम्॥ ९०॥
 
 
अनुवाद
राजन! जैसे सिंह हाथी पर आक्रमण करता है, उसी प्रकार कुपित वीर योद्धा कृतवर्मा ने अपना बल दिखाते हुए युद्धस्थल में महात्मा भीष्म की मृत्यु का कारण बने हुए महारथी शिखण्डी पर आक्रमण किया।
 
King! Just as a lion attacks an elephant, similarly, the enraged valiant warrior Kritavarman, displaying his strength, attacked the great warrior Shikhandi, who had caused the death of Mahatma Bhishma in the battlefield. 89-90.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)