Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.86-87: तत्पश्चात् शत्रुवीरों का संहार करने वाले कृतवर्मा ने उस टूटे हुए विशाल धनुष को छोड़कर दूसरा धनुष हाथ में लिया और युद्ध में पाण्डवों को तीन-तीन बाण मारकर घायल कर दिया। उन्होंने शिखण्डी को भी तीन और पाँच बाणों से घायल कर दिया। 86-87॥ | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् शत्रुवीरों का संहार करने वाले कृतवर्मा ने उस टूटे हुए विशाल धनुष को छोड़कर दूसरा धनुष हाथ में लिया और युद्ध में पाण्डवों को तीन-तीन बाण मारकर घायल कर दिया। उन्होंने शिखण्डी को भी तीन और पाँच बाणों से घायल कर दिया। 86-87॥
Bharatshrestha! Thereafter, Kritavarma, the destroyer of enemy warriors, left the broken huge bow and took another bow in his hand and in the battle wounded the Pandavas by shooting three arrows each. He also pierced Shikhandi with three and five arrows. 86-87॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥