Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.70: माननीय राजा! भीमसेन की रक्षा के लिए हर्ष में भरकर पाण्डव सैनिकों ने अपने रथों द्वारा कृतवर्मा को घेर लिया और युद्धस्थल में उसे अपने बाणों का लक्ष्य बनाने लगे। | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तं तथा कोष्ठकीकृत्य रथवंशेन मारिष।
विव्यधु: सायकैर्हृष्टा रक्षार्थं मारुतेर्मृधे॥ ७०॥
अनुवाद
माननीय राजा! भीमसेन की रक्षा के लिए हर्ष में भरकर पाण्डव सैनिकों ने अपने रथों द्वारा कृतवर्मा को घेर लिया और युद्धस्थल में उसे अपने बाणों का लक्ष्य बनाने लगे।
Honorable King! The Pandava soldiers, filled with joy, to protect Bhimasena, corralled Kritavarma with their chariots and began making him the target of their arrows on the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥