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mahabharat 7.114.58: युद्धस्थल में क्रोधित होकर अपने सेवकों सहित सहसा आक्रमण करने वाले उन पाण्डव योद्धाओं को महारथी कृतवर्मा ने ही रोका।   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 58
 
 
श्लोक  7.114.58 
आगच्छतस्तान् सहसा क्रुद्धरूपान् सहानुगान्।
दधारैको रणे पाण्डून् कृतवर्मा महारथ:॥ ५८॥
 
 
अनुवाद
युद्धस्थल में क्रोधित होकर अपने सेवकों सहित सहसा आक्रमण करने वाले उन पाण्डव योद्धाओं को महारथी कृतवर्मा ने ही रोका।
 
In the battle-field, those Pandava warriors, who were enraged and suddenly attacked along with their servants, were stopped only by the great car-warrior Kritavarman. 58
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)