Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.44-45h: द्रोणाचार्य शस्त्र विद्या में निपुण हैं, युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ते हैं, एक बलवान और महान योद्धा हैं। पांचाल सैनिकों ने युद्धभूमि में महान धनुर्धर द्रोण को कैसे घायल कर दिया? क्योंकि वे द्रोणाचार्य से शत्रुता रखते हुए भी अर्जुन की विजय चाहते थे। 44 1/2 | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
द्रोणो हि बलवान् श्रेष्ठ: कृतास्त्रो युद्धदुर्मद:।
पञ्चालास्ते महेष्वासं प्रत्यविध्यन् कथं रणे॥ ४४॥
बद्धवैरास्ततो द्रोणे धनंजयजयैषिण:।
अनुवाद
द्रोणाचार्य शस्त्र विद्या में निपुण हैं, युद्ध में उन्मत्त होकर लड़ते हैं, एक बलवान और महान योद्धा हैं। पांचाल सैनिकों ने युद्धभूमि में महान धनुर्धर द्रोण को कैसे घायल कर दिया? क्योंकि वे द्रोणाचार्य से शत्रुता रखते हुए भी अर्जुन की विजय चाहते थे। 44 1/2
Dronacharya is proficient in the art of weapons, he fights frantically in battles, is a strong and great warrior. How did the Panchala soldiers injure the great archer Drona in the battlefield? Because they desired Arjuna's victory despite having enmity with Dronacharya. 44 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥