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mahabharat 7.114.43: संजय! जब द्रोणाचार्य ने युद्धभूमि में पाण्डवों को उपर्युक्त रीति से रोक दिया, तब वहाँ युद्ध किस प्रकार हुआ? यह सब मुझे बताओ॥43॥   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 43
 
 
श्लोक  7.114.43 
तथा द्रोणेन समरे निगृहीतेषु पाण्डुषु।
कथं युद्धमभूत् तत्र तन्ममाचक्ष्व संजय॥ ४३॥
 
 
अनुवाद
संजय! जब द्रोणाचार्य ने युद्धभूमि में पाण्डवों को उपर्युक्त रीति से रोक दिया, तब वहाँ युद्ध किस प्रकार हुआ? यह सब मुझे बताओ॥43॥
 
Sanjay! When Dronacharya stopped the Pandavas in the above mentioned manner on the battlefield, then how did the war take place there? Tell me all this. ॥ 43॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)