Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.114.42: जब शिनिप्रवर के महारथी सात्यकि कृतवर्मा की सेना को पार करके कौरव सेना में घुस गए, तब कौरवों ने क्या किया ?॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 42
 
 
श्लोक  7.114.42 
तस्मिन् प्रविष्टे पृतनां शिनीनां प्रवरे रथे।
भोजानीकं व्यतिक्रान्ते किमकुर्वत कौरवा:॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
जब शिनिप्रवर के महारथी सात्यकि कृतवर्मा की सेना को पार करके कौरव सेना में घुस गए, तब कौरवों ने क्या किया ?॥ 42॥
 
When Satyaki, the great warrior of Shinipravar, crossed over to Kritavarma's army and entered the Kaurava army, what did the Kauravas do?॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)