Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.37: सात्यकि और अर्जुन ने घोड़ों के सवार और पुरुषों के रथ छीन लिए हैं। यह देखकर और सुनकर मेरे पुत्र शोक में डूब रहे होंगे ॥37॥ | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकि और अर्जुन ने घोड़ों के सवार और पुरुषों के रथ छीन लिए हैं। यह देखकर और सुनकर मेरे पुत्र शोक में डूब रहे होंगे ॥37॥
Satyaki and Arjun have deprived the horses of their riders and the men of their chariots. My sons must be drowning in grief on seeing and hearing this. ॥ 37॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥