श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.114.3 
नातिवृद्धमबालं च नाकृशं नातिपीवरम्।
लघुवृत्तायतप्रायं सारगात्रमनामयम्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उनमें न तो कोई बहुत बूढ़ा है, न बहुत जवान, न बहुत दुबला-पतला, न बहुत मोटा। उनके शरीर हल्के, सुगठित और सामान्यतः लम्बे हैं। शरीर का प्रत्येक अंग सुदृढ़ है और सभी सैनिक निरोगी और स्वस्थ हैं॥ 3॥
 
There is no one among them who is too old, or too young, or too thin or too fat. Their bodies are light, well-built and generally tall. Each and every part of the body is strong and all the soldiers are disease-free and fit.॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)