श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  7.114.24 
न चायोधोऽभवत् कश्चिन्मम सैन्ये तु संजय।
अल्पदानभृतस्तात तथा चाभृतको नर:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
पिता संजय! मेरी सेना में एक भी योद्धा ऐसा न होता जिसे अल्प वेतन मिलता हो अथवा जिसे बिना वेतन के रखा जाता हो॥ 24॥
 
Father Sanjaya! There would not have been a single warrior in my army who was paid a small salary or was kept without any salary.॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)