Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.11: जैसे समुद्र में चारों ओर से बहने वाली नदियाँ भरी हुई हैं, वैसे ही हमारी सेना अथाह और अनंत है। वह पंखहीन और पक्षियों के समान वेग से चलने वाले रथों और घोड़ों से भरी हुई है॥ 11॥ | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे समुद्र में चारों ओर से बहने वाली नदियाँ भरी हुई हैं, वैसे ही हमारी सेना अथाह और अनंत है। वह पंखहीन और पक्षियों के समान वेग से चलने वाले रथों और घोड़ों से भरी हुई है॥ 11॥
Like the ocean filled with rivers flowing from all directions, our army is unfathomable and infinite. It is filled with chariots and horses that are wingless and move as fast as birds.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥