Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.114.10: अनेक राजा, जो हमें प्रसन्न करना चाहते हैं और स्वेच्छा से अपनी सेना और अनुयायियों के साथ हमारे पक्ष में आ गये हैं, वे भी इसकी सुरक्षा के प्रति सजग रहते हैं। | mahabharat अध्याय 7.114: धृतराष्ट्रका विषादयुक्त वचन, संजयका धृतराष्ट्रको ही दोषी बताना, कृतवर्माका भीमसेन और शिखण्डीके साथ युद्ध तथा पाण्डव-सेनाकी पराजय । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनेक राजा, जो हमें प्रसन्न करना चाहते हैं और स्वेच्छा से अपनी सेना और अनुयायियों के साथ हमारे पक्ष में आ गये हैं, वे भी इसकी सुरक्षा के प्रति सजग रहते हैं।
Many kings, who wish to please us and who have voluntarily come to our side along with their armies and followers, also remain alert to its protection.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥