Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.113.60-62h: महाराज! सात्यकि ने अवसर पाकर वहाँ से आगे बढ़ लिया। तभी कृतवर्मा ने भीमसेन पर आक्रमण कर दिया। कृतवर्मा की सेना से निकलकर युयुधान तुरन्त ही काम्बोजों की विशाल सेना के पास पहुँच गया। वहाँ अनेक वीर योद्धाओं ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। महाराज! फिर भी वीर सात्यकि उस समय विचलित नहीं हुए। 60-61 1/2। | mahabharat अध्याय 7.113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सात्यकिश्चाभ्यगात् तस्मात् स तु भीममुपाद्रवत्।
युयुधानोऽपि राजेन्द्र भोजानीकाद् विनि:सृत:॥ ६०॥
प्रययौ त्वरितस्तूर्णं काम्बोजानां महाचमूम्।
स तत्र बहुभि: शूरै: संनिरुद्धो महारथै:॥ ६१॥
न चचाल तदा राजन् सात्यकि: सत्यविक्रम:।
अनुवाद
महाराज! सात्यकि ने अवसर पाकर वहाँ से आगे बढ़ लिया। तभी कृतवर्मा ने भीमसेन पर आक्रमण कर दिया। कृतवर्मा की सेना से निकलकर युयुधान तुरन्त ही काम्बोजों की विशाल सेना के पास पहुँच गया। वहाँ अनेक वीर योद्धाओं ने उसे आगे बढ़ने से रोक दिया। महाराज! फिर भी वीर सात्यकि उस समय विचलित नहीं हुए। 60-61 1/2।
King! Satyaki took this opportunity and went ahead from there. Then Kritavarma attacked Bhimasena. Yuyudhaana, coming out of Kritavarma's army, immediately reached the large army of Kambojas. There many valiant warriors stopped him from going ahead. Maharaj! Even then the valiant Satyaki did not get perturbed at that time. 60-61 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥