श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 36-37
 
 
श्लोक  7.113.36-37 
एतदालोक्यते सैन्यमावन्त्यानां महाप्रभम्॥ ३६॥
अस्यानन्तरतस्त्वेतद् दाक्षिणात्यं महद् बलम्।
तदनन्तरमेतच्च बाह्लिकानां महद् बलम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
यह अवंतिवासियों की अत्यन्त प्रतापी सेना प्रतीत होती है। इसके बाद दक्षिणायतों की विशाल सेना है। इसके बाद बाह्लीकों की विशाल सेना है।' 36-37.
 
‘This appears to be a very illustrious army of the Avanti residents. After this is the huge army of the Dakshinayats. After that is the huge army of the Bahlikas. 36-37.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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