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mahabharat 7.113.34-35h: संजय कहते हैं - हे राजन! ऐसा कहकर सात्यकि सहसा द्रोणाचार्य को छोड़कर चले गए और सारथि से इस प्रकार बोले -॥34 1/2॥   |   mahabharat अध्याय 7.113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  7.113.34-35h 
संजय उवाच
एतावदुक्त्वा शैनेय आचार्यं परिवर्जयन्॥ ३४॥
प्रयात: सहसा राजन् सारथिं चेदमब्रवीत्।
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं - हे राजन! ऐसा कहकर सात्यकि सहसा द्रोणाचार्य को छोड़कर चले गए और सारथि से इस प्रकार बोले -॥34 1/2॥
 
Sanjaya says - O King! Having said this, Satyaki suddenly left Dronacharya and went away and spoke to the charioteer thus -॥ 34 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)