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mahabharat 7.113.11: इस प्रकार बाणों की वर्षा करने वाले उस अद्भुत पराक्रमी सात्यकि का सामना करने का साहस आपके किसी भी सैनिक में नहीं हो सका ॥11॥   |   mahabharat अध्याय 7.113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 113: सात्यकिका द्रोण और कृतवर्माके साथ युद्ध करते हुए काम्बोजोंकी सेनाके पास पहुँचना  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  7.113.11 
तं तथाद्भुतकर्माणं शरसम्पातवर्षिणम्।
न केचनाभ्यधावन् वै सात्यकिं तव सैनिका:॥ ११॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार बाणों की वर्षा करने वाले उस अद्भुत पराक्रमी सात्यकि का सामना करने का साहस आपके किसी भी सैनिक में नहीं हो सका ॥11॥
 
In this manner, none of your soldiers could muster the courage to face that amazingly powerful Satyaki who was showering arrows. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)