Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.112.79-80h: हे राजन! तत्पश्चात् धर्मराज की आज्ञा से सात्यकि अर्जुन का सामना करने के लिए आपकी सेना की ओर शीघ्रता से आगे बढ़े। | mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: प्रयात: सहसा तव सैन्यं स सात्यकि:॥ ७९॥
दिदृक्षुरर्जुनं राजन् धर्मराजस्य शासनात्।
अनुवाद
हे राजन! तत्पश्चात् धर्मराज की आज्ञा से सात्यकि अर्जुन का सामना करने के लिए आपकी सेना की ओर शीघ्रता से आगे बढ़े।
O King! Thereafter, as per Dharmaraja's orders, Satyaki advanced rapidly towards your army to meet Arjun. 79 1/2
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि जयद्रथवधपर्वणि सात्यकिप्रवेशे द्वादशाधिकशततमोऽध्याय:॥ ११२॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत जयद्रथवधपर्वमें सात्यकिका कौरव-सेनामें प्रवेशविषयक एक सौ बारहवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ११२॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥