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mahabharat 7.112.71: भीमसेन! आप राजा युधिष्ठिर की रक्षा करें। यही आपका सबसे बड़ा कार्य है। मैं मृत्यु द्वारा पकाई गई इस कौरव सेना को चीरकर भीतर प्रवेश करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  7.112.71 
त्वं भीम रक्ष राजानमेतत् कार्यतमं हि ते।
अहं भित्त्वा प्रवेक्ष्यामि कालपक्वमिदं बलम्॥ ७१॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन! आप राजा युधिष्ठिर की रक्षा करें। यही आपका सबसे बड़ा कार्य है। मैं मृत्यु द्वारा पकाई गई इस कौरव सेना को चीरकर भीतर प्रवेश करूँगा।
 
Bhimsena! You protect King Yudhishthira. This is the greatest task for you. I will tear apart this Kaurava army which has been cooked and baked by death and enter inside.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)