Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.112.60: जिस प्रकार मातलि इन्द्र के सारथी और मित्र हैं, उसी प्रकार दारुक का छोटा भाई सात्यकि का सारथी और प्रिय मित्र था। उसने सात्यकि को बताया कि रथ जुतकर तैयार है। | mahabharat अध्याय 7.112: सात्यकिकी अर्जुनके पास जानेकी तैयारी और सम्मानपूर्वक विदा होकर उनका प्रस्थान तथा साथ आते हुए भीमको युधिष्ठिरकी रक्षाके लिये लौटा देना । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिस प्रकार मातलि इन्द्र के सारथी और मित्र हैं, उसी प्रकार दारुक का छोटा भाई सात्यकि का सारथी और प्रिय मित्र था। उसने सात्यकि को बताया कि रथ जुतकर तैयार है।
Just as Matali is Indra's charioteer and friend, similarly Daruk's younger brother was Satyaki's charioteer and dear friend. He informed Satyaki that the chariot is ready after being harnessed. 60.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥